उत्तर प्रदेश के संभल जिले के हयातनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच दिन पहले मकान के बाहर चारपाई पर सो रहे ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस जांच के बाद इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
हत्या के आरोपी पोते ने मुकदमे में फैसले के लिए विरोधियों पर दबाव बनाने की योजना के तहत खुद ही अपने दादा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद विरोधी पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने दादा की हत्या करने वाले पोते को गिरफ्तार कर उसके पास से हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद किया है.
संभल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पोते ने अपने दादा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि यह घटना हयातनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. जहां पांच दिन पहले एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्यारोपी पोते ने अपने दादा की हत्या करने के बाद विरोधी पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.
पुलिस ने दी थी दबिश
राजेंद्र की हत्या के बाद जब परिजनों ने कर्रू, रंगरेश व रविंद्र पर हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस ने रात में ही उनके घर पर दबिश दी थी. तीनों घर पर ही सोते मिले तो पुलिस को शक हो गया था. इसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच की तो पता चला कि नामजद आरोपी बेकसूर थे. जबकि राजेंद्र के पोते विरलेश ने ही अपने दादा की गोली मारकर हत्या की थी.
पुलिस ने विरलेश को तलाशना शुरु किया तो वह गांव से फरार मिला. इसके बाद हयातनगर पुलिस ने उसे उसकी ससुराल हजरतनगर गढ़ी थाना इलाके के रहटोल गांव से गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में विरलेश ने दादा की हत्या की बात कबूल की है. साथ ही पुलिस को वह तमंचा भी बरामद करा दिया जिससे उसने दादा की हत्या की थी. इसके अलावा एक मोबाइल व एक थैला भी पुलिस ने बरामद किया. आरोपी को जेल भेज दिया गया.