बैठक लेकर धान के बदले दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर

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उत्तर बस्तर कांकेर- विकासखण्ड कांकेर के ग्राम कोलियारी में कृषकों को धान के बदले दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने बैठक आयोजित किया गया। बैठक में रबी फसल पर विस्तार से चर्चा करते हुए कृषि अधिकारी ने घटते जल स्तर की गंभीरता पर किसानों को धान के बदले रूप में दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित किया।

बैठक के दौरान किसानों से परिचर्चा करते हुए बताया गया कि दलहन और तिलहन की खेती न केवल जल संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि करती है। इसके अतिरिक्त ये फसलें किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और अनुदान प्रदान कर रही है, ताकि वे रबी में ग्रीष्मकालीन धान के फसलों के बदले दलहन और तिलहन की खेती की ओर आकर्षित हो सकें। इसके अलावा किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और फसल चक्र परिवर्तन के लाभ के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए टारगेटिंग राईस फेलो एरिया योजनान्तर्गत 40 कृषकों को 16 हेक्टेयर हेतु मसूर बीज का निःशुल्क वितरण किया गया।

ज्ञात हो कि सरकार द्वारा जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाएं और अपने क्षेत्र में दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा दें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इसे अपनाने की सहमति दी।

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