बालोद- बालोद जिले में लोन के नाम पर महिलाओं से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। अकेले गुरुर ब्लाक की 100 से अधिक महिलाओं ने शनिवार को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला 30 करोड़ से अधिक का हो सकता है। सप्तऋषि संस्थान से जुड़ा मुख्य आरोपित खोलबहरा कैवर्त्य दफ्तर बंद कर फरार हो गया है। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है।
28 गांवों की महिलाओं से ठगी
नारागांव, किनारगोदी सहित 28 गांवों की महिलाएं बड़ी संख्या में शनिवार को विधायक संगीता भैयाराम सिन्हा के कार्यालय गुरुर पहुंची थी। जहां महिलाओं ने विधायक संगीता सिन्हा और पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा को पूरे मामले से अवगत कराया।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सप्तऋषि संस्थान का खोलबहरा नामक व्यक्ति दो वर्ष पहले हमारे गांव नारागांव आया था। उसने स्थानीय लोगों को 50 हजार के लोन की रकम दिलाने के लिए पांच हजार देने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर महिलाओं ने दर्जनभर से अधिक बैंकों व निजी फाइनेंस कंपनी से महिला समूह के नाम पर लोन लिया।
35 हजार से 20 लाख तक लोन लिया
35, 50 हजार से लेकर कई लोगों के नाम से 10 से 20 लाख तक लोन लिया गया है। एक बैंक के कर्मचारी ने बताया कि अकेले हमारे बैंक से 75 समूह के माध्यम से 200 से महिलाओं ने 35 हजार से 50 हजार तक का लोन लिया है। कुछ माह तक सप्तऋषि ट्रेडर्स के नाम पर किस्त जमा हुई। बाद में किस्त मिलनी बंद हो गई। इसके बाद हमें भी मामले का पता चला।
स्वरोजगार के नाम पर बैंकों से लेते थे लोन
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि स्वरोजगार के नाम पर बैंकों से लोन निकाला जाता था। अगर किसी महिला का 50 हजार लोन निकाला जा रहा है तो संबंधित महिलाओं को पांच हजार दे देते थे। बाकी रुपये दूसरी जगह निवेश करने की बात कहकर अपने पास रख लेते थे। किस्त भी स्वयं पटाने की बात करते थे।
बैंकों को जब किस्त मिलना बंद हुआ तो महिलाओं को नोटिस आना शुरू हो गया। अकेले नारागांव में 13 लाख की ठगी सामने आ चुकी है। नारागांव की महिलाओं ने बताया कि उनके गांव की सरिता करियाम की बातों में आकर उन लोगों ने लोन निकाला। पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा ने कहा कि सैकड़ों गांव से इस तरह की शिकायत आ रही है।
एक महिला को आरोपित बनाने की मांग
पीड़ित महिलाओं ने नारागांव निवासी सरिता करियाम और उसके पति चंद्रहास के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है, क्योंकि उसके कारण ही दर्जनों लोग ठगी का शिकार हुए हैं। उनसे रुपयों की वसूली का दबाव भी बनाया जा रहा है।
महिलाओं ने बताया कि सरिता को ही हमने पैसे दिए हैं। बालोद में खोलबाहरा ने ₹50 के स्टांप पेपर पर पैसों के लेनदेन से संबंधित शपथ पत्र भी भरवारा गया है। इसमें कितना पैसा निकाला गया है, कितनी मासिक किस्त है, इसका जिक्र किया गया है।
ठगों ने अशिक्षित होने का उठाया फायदा
वनांचल की महिलाओं के अशिक्षित होने को ठगों ने फायदा उठाया है। एक-एक महिला के नाम से तीन से चार लाख रुपये आठ से 10 बैंकों के माध्यम से निकाला गया है। बताया जा रहा है कि बालोद जिले के विभिन्न गांव की महिला समूह भी कलेक्टर जन दर्शन में शिकायत कर चुकी हैं।
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिया लोन
एक बैंक के कर्मचारी ने बताया कि अन्नापूर्णा, जना बैंक, अविरल, ग्राम शक्ति, इंसाफ, सत्या जैसी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने महिलाओं ने लाखों रुपये का लोन लिया है। उन्होंने बताया कि एक-एक बैंक से लोन लेने वाली महिओं की संख्या 200-300 से अधिक हो सकती है।
अब तक ऐसी 15 से अधिक बैंक व निजी फाइनेंस कंपनियों के नाम सामने आ चुके हैं। जानकारी मिल रही है कि बालोद जिले के अलावा धमतरी, कांकेर, भानुप्रतापपुर जैसे कई बड़े शहरों में महिलाओं को शिकार बनाया गया है।